• KAVI RAJ CHAUHAN

विश्वविद्यालयों का 90 प्रतिशत आॅनलाइन पाठ्यक्रम पूरा

MANISH CHAUHAN

THE SHIRGUL TIMES (SHIMLA)


राज्यपाल ने वीडियो कांफ्रेंसिंग कर ली कुलपतियों से फीडबैक

राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने आज प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बातचीत कर विश्वविद्यालय स्तर पर शैक्षणिक गतिविधियों के बारे में जानकारी ली।

हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के कुलपति प्रो. सिकंदर कुमारबागवानी एवं वाणिकी विश्वविद्यालयनौणी के कुलपति प्रो. परमिन्दर कौशलकृषि विश्वविद्यालयपालमपुर के कुलपति प्रो. अशोक सरयालतकनीकी विश्वविद्यालयहमीरपुर के कुलपति प्रो. एस.पी. बंसलक्लस्टर विश्वविद्यालय मंडी के कुलपति प्रो. सी.एल. चमन और अटल मेडिकल एण्ड रिसर्च विश्वविद्यालयनेरचैक के कुलपति प्रो. सुरेन्द्र कश्यप ने वीडियो कांफ्रेंसिंग में भाग लिया।

राज्यपाल ने मानव संसाधन मंत्रालय द्वारा सुझाए गए विभिन्न आॅनलाइन पोर्टल के उपयोगविश्वविद्यालय अनुदान आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप परीक्षाओं की तैयारी और अगले सत्र को लेकर रोडमैपकोविड-19 के दौरान विश्वविद्यालय की भूमिकाआॅनलाइन शिक्षा व कक्षाओं की अभी तक की स्टे्टस रिपोर्टवालंट्यिर्स की भूमिकाहिन्दी में शिक्षण की सुविधा इत्यादि विषयों को लेकर जानकारी हासिल की।

इस अवसर परराज्यपाल ने पिछले 55 दिनों से लाॅकडाउन के दौरान आॅनलाईन कक्षाओं को लेकर सभी कुलपतियों की सराहना की। उन्होंने आशा व्यक्त की कि 31 मई तक लाॅकडाउन-4.0 में भी सभी विश्वविद्यालय दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए फाॅलो-अपदक्षता व जागरूकता का परिचय देंगे। उन्होंने कहा कि कुलपतियों के साथ पहली वीडियो कांफ्रेंस में उन्होंने आॅनलाइन एजुकेशन पर बल दिया थाजिस पर सभी ने काम किया। उन्होंने कहा कि यह मौका है कि इस तकनीक का ज्यादा से ज्यादा उपयोग किया जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा की तकनीक के माध्यम से कोई भी व्यवस्था क्यों न बने लेकिन विद्यार्थियों के साथ संपर्क बनाये रखा जाना चाहिए।

श्री दत्तात्रेय ने कहा कि विद्यार्थियों की मनोस्थिति को जानने की कोशिश की जाए और विशेषकर आॅनलाइन व्यवस्था मेें उन्हें क्या समस्या हैइसकी प्रतिक्रया ली जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के वालंटियर तैयार करने के लिए उन्होंने कहा है जिसकी वजह विद्यार्थियों में सेवा भाव पैदा करना है।

राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों द्वारा जागरूकता के लिए अपनाये गए गांव के बारे में भी उनकी प्रतिक्रिया को सांझा किया। उन्होंने स्थानीय भाषा के उपयोग की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि प्रदेश के ऐसे क्षेत्र जहां नेटवर्क की समस्या है और गरीब बच्चे जिनके पास स्मार्ट फोन नहीं हैंके बारे में भी विकल्पों पर बातचीत की।

इस अवसर परकुलपतियों ने अपनी प्रतिक्रिया में बताया कि 90 प्रतिशत तक उन्होंने अपना पाठ्यक्रम पूरा कर दिया है। आॅनलाइन पुस्तकालय सुविधा दी जा रही है। शोधकार्य जारी है और प्रवेश परीक्षाओं के लिए समितियां गठित की जा चुकी हैं। जागरूकता कार्यक्रम पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

उन्होंने कुछ प्रशासनिक स्टाफ को बुलाने का आग्रह कियाताकि प्रशासनिक कार्यों के साथ-साथ विकासात्मक गतिविधियों को भी जारी रखा जा सके।

राज्यपाल के सचिव राकेश कंवर भी इस अवसर पर उपस्थित थे।


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