• मनीष

अंतर्राष्ट्रीय श्री रेणुका जी मेले की 6 दिन की गतिविधियां क्या-क्या रहेगी, जानें एक क्लिक पर

उत्तर भारत के प्रसिद्ध अंतर्राष्ट्रीय श्री रेणुकाजी मेले का शुभारंभ 3 नवम्बर को हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव आर.डी. धीमान करेंगे। वह दोपहर 1ः15 बजे ददाहू से भगवान परशुराम जी की शोभा यात्रा का शुभारंभ करेंगे तथा खेलकूद प्रतियागिताओं का उदघाटन करने के उपरांत सांय 6 बजे अंतर्राष्ट्रीय श्री रेणुकाजी मेले के शुभारंभ की रस्म को पूरा करेंगे। उपायुक्त आर.के. गौतम ने जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय श्री रेणुकाजी मेला बड़ी धूमधाम के साथ आयोजित किया जा रहा है जिसमें विशाल दंगल, खेल-कूद गतिविधियांे सहित सांस्कृतिक संध्याओं का आयोजनभी किया जा रहा है। उन्होने बताया कि समापन्न समारोह के अवसर पर 8 नवम्बर को राज्यपाल श्री राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर बतौर मुख्य अथिति शिरकत करेगें।

उपायुक्त ने बताया कि मेले के पहले दिन 3 नवम्बर को रेणु मंच पर भगवान परशुराम जी के जीवन वृतांत पर आधारित नाटक का मंचन तथा सिरमौरी नाईट का आयोजन किया जायेगा जिसमें प्रसिद्ध लोक गायक दलीप सिरमौरी सांस्कृतिक संध्या के मुख्य आकर्षण होंगे। दूसरे दिन 4 नवम्बर को प्रातः 4 बजे से पवित्र झील में श्रद्वालुओं द्वारा स्नान व भजनामृत किया जायेगा तथा इस दिन दोपहर 12 बजे पुरूषों का विशाल दंगल भी आयोजित होगा। उन्होंने बताया कि सांय 6 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होगें जिसमें हिमाचली नाईट में कुलदीप शर्मा 5 नवम्बर को पंजाबी नाईट का आयोजन होगा जिसमें प्रसिद्ध पंजाबी गायक लखविन्द्र बडाली अपनी प्रस्तुतियां देगें। 6 नवम्बर को हिन्दी स्टार नाईट रखी गई है जिसमें सारेगामा फेम नितिन कुमार व 7 नवम्बर को हार्मनी ऑफ पाइन्स द्वारा अपनी प्रस्तुति दी जायेगी।2

स्थानीय कलाकारों को देंगे अधिमान

आर. के. गोतम ने कहा कि सभी सांस्कृतिक संध्याओं के दौरान सिने जगत के पार्श्व गायकों, हिमाचल प्रदेश के नामी कलाकारों को आमंत्रित किया गया है। इसके अलावा जिला के पुराने व नवोदित कलाकारों को विशेष अधिमान प्रदान किया जाएगा। जिला के लगभग 20 कलाकार हर रोज अपनी प्रस्तुतियां देंगे। इनमें श्रेणी सी. व डी. के लिये चयन ऑडिशन के माध्यम से किया गया है जबकि ए. तथा बी. श्रेणी के स्थापित कलाकारों का चयन सांस्कृतिक समिति द्वारा किया गया है। कलाकार को प्रस्तुति के एक या दो दिन पूर्व मोबाईल फोन के माध्यम से सूचित किया जाएगा।

पुरूषों का दंगल 4 व महिलाओं का 5 को

उपायुक्त न कहा कि पुरूषों का विशाल दंगल 4 नवम्बर को होगा जिसमें पंजाब, हरियाणा, हिमाचल, जम्मू व कश्मीर,उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड आदि विभिन्न राज्यों के नामी पहलवान भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि पहली बार महिलाओं के लिये अलग से दंगल प्रतियोगिता रखी गई है। महिलाआंे का दंगल 5 नवम्बर को होगा। इसमें बड़ी संख्या में पंजाब, हरियाणा व हिमाचल से महिला पहलवानों के आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि महिलाओं का अलग से दंगल रखने का उद्देश्य महिलाओं को खुलकर कुश्ती प्रतियोगिता में भाग लेन के लिये प्रोत्साहित करना है। दंगल के प्रति महिलाओं में कहीं न कहीं पर संकोच रहता है लेकिन अलग से इस प्रकार की प्रतियोगिता से उनका मनोबल बढ़ेगा और भविष्य में इस प्रकार के अनेक दंगल आयोजित होंगे। उन्होंने कहा कि दंगल के लिये विजेता पहलवानों को काफी आकर्षक पुरस्कार रखे गए हैं।


महानाटी में शामिल होंगी 3000 महिलाएं

मतदान करने का देंगी संदेश

गौतम ने कहा कि 5 नवम्बर को महिलाओं की महानाटी होगी। इसमें जिला की 3000 से अधिक महिलाएं पारम्परिक परिधानों में एक परम्परागत नाटी का प्रदर्शन करेगी। भारतीय चुनाव आयोग के महत्वाकांक्षी स्वीप कार्यक्रम के थीम पर आधारित यह नाटी लोगों को आगामी चुनाव में शत-प्रतिशत मतदान करने के लिये प्रेरित करेंगी। इसके अलावा महानाटी के माध्यम से समाज को नशामुक्त बनाने व पर्यावरण को स्वच्छ रखने का संदेश देने का भी प्रयास नाटी के माध्यम स किया गया है।

खेलें भी होंगी मेले का आकर्षण

मेले के दौरान खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा जिसमें कब्बडी, वॉलीबाल, बास्केटबॉल व बैडमिंटन आदि प्रतियोगिताएं की जायेंगी जोकि मेले के सभी छः दिनों तक चलेंगी। इन प्रतियोगिताओं के लिये ट्राफी सहित नकद पुरस्कार रखें गये हैं। दंगल के विजेता को 51 हजार व उप विजेता को 31 हजार, कबड्डी के लिए 51 हजार व 31 हजार, बॉलीबाल के लिए 41 हजार व 21 हजार, बैडमिंटन के लिए 15 हजार व 11 हजार तथा बास्केट बॉल के लिए 15 हजार व 11 हजार का पुरस्कार प्रदान किये जाएंगे। उन्होंने बताया कि खेलों के लिये टीम को प्रवेश शुल्क महज 500 रुपये रखा गया है।

डीसी ने की मेले में भाग लेने की अपील

उपायुक्त एवं अध्यक्ष श्री रेणुकाजी विकास बोर्ड आर.के. गौतम ने कहा कि कोरोना काल के संकट के बीच पिछले दो सालों तक मेले का आयोजन बड़े पैमाने पर नहीं किया जा सका। इस बार मेले के स्वरूप में काफी परिवर्तन किया गया है ताकि लोगों का स्वस्थ मनोरंजन हो। उन्होंन आम जनमानस से अधिक से अधिक संख्या में मेले में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने समस्त अधिकारियों से भी मेले के शुभारंभ व समापन अवसर पर निजी तौर पर मौजूद रहने के निर्देश जारी किये हैं।

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