गुरुकुल इंटरनेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल सोलन ने हिमाचल प्रदेश आपदा राहत कोष में एक लाख इकहत्तर हज़ार रुपये का योगदान दिया
- The shirgul Times

- Sep 10
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TST -SOLAN
गुरुकुल इंटरनेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सोलन की ओर से हिमाचल प्रदेश आपदा राहत कोष में कुल ₹1,71,000 (एक लाख इकहत्तर हज़ार रुपये) की राशि जिला उपायुक्त (DC) कार्यालय में जमा कराई गई। इस राहत राशि में विद्यालय प्रबंधन ने मुख्य भूमिका निभाई, जिसने आगे आकर सहयोग प्रदान किया और पूरे विद्यालय परिवार को इस नेक कार्य के लिए प्रेरित किया। इसके साथ ही, विद्यालय के विद्यार्थियों एवं अभिभावकों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया और सक्रिय सहयोग देकर इस पुनीत कार्य को सफल बनाया।

विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि कक्षा पहली की नन्हीं छात्रा फ़िज़्ज़ा (सुपुत्री श्री अनिल चौहान और श्रीमती कल्पना चौधरी) ने अपनी ओर से ₹11,000 का योगदान राहत कोष में दिया, जो समाजसेवा और संवेदनशीलता की अद्वितीय मिसाल है। इतनी छोटी उम्र में यह करुणा और सेवा-भाव वास्तव में पूरे समाज के लिए प्रेरणा है।
विद्यालय प्रबंधन समिति ने इस अवसर पर विशेष रूप से विद्यार्थियों और अभिभावकों का हृदय से आभार व्यक्त किया, जिन्होंने आगे आकर उदारतापूर्वक सहयोग किया। प्रबंधन का कहना है कि विद्यार्थियों और अभिभावकों के उत्साह और समर्पण ने ही इस पुनीत कार्य को सफल और सार्थक बनाया। गुरुकुल परिवार को गर्व है कि उसके विद्यार्थी और अभिभावक हमेशा समाजसेवा के ऐसे कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं।
गुरुकुल परिवार की परंपरा रही है कि समय-समय पर समाज सेवा के लिए सहायता राशि पहुँचाई जाती है—कभी आश्रमों के लिए, कभी किसी पीड़ित परिवार के लिए, तो कभी प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों के लिए।
विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. लखविंदर कौर अरोड़ा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि गुरुकुल का उद्देश्य केवल शैक्षणिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यहाँ बच्चों को मानवीय मूल्यों, करुणा, सहानुभूति और सामाजिक जिम्मेदारी की शिक्षा दी जाती है। राहत कार्यों में भागीदारी से विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम और सेवा-भावना की ज्योति प्रज्वलित होती है। हमें गर्व है कि हमारे विद्यार्थी, अभिभावक और प्रबंधन समिति इस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं।
विद्यालय की प्रबंधन समिति ने भी संदेश दिया कि गुरुकुल का आदर्श यही है कि शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित न रहे, बल्कि जीवन के मूल्यों और समाज सेवा की भावना को भी बच्चों तक पहुँचाया जाए। इसी सोच के साथ गुरुकुल अपने विद्यार्थियों को जिम्मेदार नागरिक बनाने का सतत प्रयास करता रहेगा।







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