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गुरुकुल इंटरनेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में सी.बी.एस.ई. द्वारा ‘साइंस एलिमेंट्री ’ विषय पर कार्यशाला का आयोजन

  • Writer: कवि राज चौहान
    कवि राज चौहान
  • Aug 11, 2024
  • 2 min read

TST NEWS -SOLAN,


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गुरुकुल इंटरनेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में समय - समय पर सी.बी.एस.ई. द्वारा भिन्न-भिन्न विषयों पर कार्यशालाओं का आयोजन होता रहता है। दिनांक 10 अगस्त, 2024 को भी विद्यालय में ‘एलिमेंट्री साइंस’ विषय पर सी०बी०एस०ई० द्वारा एक दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यशाला का आयोजन किया गया । जिसे रिसोर्स पर्सन श्रीमती देवेन्द्र महल (प्रिंसिपल दून वैली पब्लिक स्कूल नालागढ़) तथा श्री जीसू जसकंवर सिंह (सहायक प्रोफेसर पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़) ने संचालित किया।



इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विज्ञान शिक्षण के नए -नए तरीकों से अध्यापकों को अवगत करवाना तथा विशेष रूप से भिन्न गतिविधियों के माध्यम से वैज्ञानिक स्वभाव-निष्पक्षता, आलोचनात्मक सोच और पूर्वाग्रह से मुक्ति का विकास करना था।


गुरुकुल इंटरनेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल के शिक्षकों तथा अन्य विद्यालयों से लगभग 60 शिक्षकों ने इस एक दिवसीय कार्यशाला में भाग लिया, ताकि वे अपने शिक्षण तकनीकों में सुधार कर सकें। सभी शिक्षक तीव्र चर्चाओं और गतिविधियों में शामिल हुए । प्रक्रिया की वैधता के लिए आवश्यक है कि पाठ्यक्रम शिक्षार्थी को उन तरीकों और प्रक्रियाओं को प्राप्त करने में संलग्न करे जो वैज्ञानिक ज्ञान के सृजन और सत्यापन को बढ़ावा देते हैं ,सभी उपस्थित अध्यापकों ने इस तथ्य को समझा और


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इस पर आधारित कार्यशाला की गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लिया।

इसके साथ-साथ अध्यापकों से अध्ययन को और रुचिकर बनाने के लिए अनेक तरह की गतिविधियाँ भी करवाई गईं ।

स्कूल की प्रधानाचार्या डॉ. लखविंदर कौर अरोड़ा ने श्रीमती देवेन्द्र महल और श्रीमान जीसू जसकंवर सिंह को कार्यशाला के लिए आभार व्यक्त किया और उन्हें स्कूल की ओर से हरित स्मृति चिह्न भेंट किए गए।



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प्रधानाचार्या ने विभिन्न विद्यालयों से आए शिक्षकों की भागीदारी के लिए आभार व्यक्त किया । उन्होंने संसाधन व्यक्तियों श्रीमती देवेन्द्र महल और श्रीमान जीसू जसकंवर सिंह का धन्यवाद तथा सराहना की और कहा कि उन्होंने कीमती समय देकर शिक्षकों का मार्गदर्शन किया।

यह कार्यशाला उच्च स्तर पर समाप्त हुई, जिसमें सभी प्रतिभागी विज्ञान शिक्षण के लिए बढ़े हुए कौशल और रणनीतियों से परिपूर्ण थे।

 
 
 

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